हमारा अभियान
संदेश — मूषक मामा का, पर्यावरणपूरक गणेश उत्सव का!
गणेश उत्सव हमारी आस्था, श्रद्धा, संस्कृति और खुशियों का पर्व है। इसी आस्था को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक सहभागिता से जोड़ने के उद्देश्य से "Swachh Ganesh Utsav – Bhilai 2026" एक जन-जागरूकता एवं जनभागीदारी पहल के रूप में शुरू की गई है।
इस पहल का उद्देश्य है कि भिलाई में गणेश उत्सव केवल श्रद्धा और उत्साह का पर्व ही न रहे, बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश बने।
अभियान के माध्यम से नागरिकों को पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा अपनाने, अनावश्यक प्लास्टिक के उपयोग से बचने, निर्माल्य का उचित प्रबंधन करने तथा गणेश उत्सव के दौरान अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
साथ ही, घरों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं के पंजीयन, विसर्जन के लिए निर्धारित समय एवं स्लॉट की जानकारी, जनभागीदारी गतिविधियों और विभिन्न जागरूकता अभियानों के माध्यम से नागरिकों को इस पहल से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वच्छ गणेश उत्सव केवल प्रशासन या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। यह हर परिवार, हर नागरिक और पूरे भिलाई की साझा जिम्मेदारी है।
- एक छोटा कदम — प्लास्टिक से दूरी।
- एक छोटी आदत — निर्माल्य को अलग रखना।
- एक छोटा प्रयास — स्वच्छता बनाए रखना।
- और एक बड़ा संकल्प — पर्यावरण के अनुकूल गणेश उत्सव मनाना।
जब भिलाई का हर नागरिक इस संकल्प से जुड़ेगा, तभी एक सच्चा स्वच्छ एवं पर्यावरणपूरक गणेश उत्सव संभव होगा।
"बप्पा की भक्ति में प्रकृति की रक्षा भी हो,
उत्सव की खुशी में स्वच्छता की जिम्मेदारी भी हो।"
आइए, अपनी श्रद्धा को अपनी जिम्मेदारी से जोड़ें और जनभागीदारी के साथ भिलाई में एक ऐसा गणेश उत्सव मनाएं, जिसकी पहचान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता बने।
आइए, भिलाई के स्वच्छ गणेश उत्सव के भागीदार बनें।